एचपीवी(HPV) यानी जिसको ह्यूमन पैपिलोमावायरस(Human Papillomavirus) के नाम से भी जाना जाता है और मुझे आज आपको इसे बीमारी या वायरस(virus) के बारे में बताना होगा कि यह आखिरी है क्या बीमारी या वायरस जो इंसान को मरने तक तुल जाता है आज जानेंगे हम इस ब्लॉग में
एचपीवी एक बहुत ज्यादा आम फेलने वाला वायरस बन गया है। यह काफी आसनी से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन(sexually transmitted infection) है यानी यह वो बीमारी है जब सेक्सुअल कॉन्टैक्ट यानी संभोग होता है एक दूसरे से इंसानों में यह फैलती है यह स्किन(skin) और म्यूकस मेम्ब्रेन(mucous membranes) को प्रभावित करता है और यह वायरस आगे जाकर भयानक कैंसर में बदल जाता है जिससे जान का रिस्क और हो जाता है
तो क्या हम कैसे बच्चे इससे? कैसे खुद को चेक करें? आने वाली ब्लॉग में आपको सबके सवालों का जवाब मिलेगा
Kya HPV se Cancer hota ha?
यह बात पूरी सच नहीं है लेकिन मैं बताता हूँ आपको एचपीवी एक वायरस है जो हर बार कैंसर नहीं बनता लेकिन कुछ उसके हाई रिस्क टाइप होते हैं जिनके एचपीवी-16 और एचपीवी-18 सर्वाइकल कैंसर(Cervical cancer) का सबसे बड़ा कारण माना जाता है और यह होता भी है।
अच्छी बात यह है कि ज्यादा एचपीवी इन्फेक्शन आपको ठीक जो जाते हैं, लेकिन अगर ऐसा हो कि इन्फेक्शन शरीर में लंबे समय से हो तो यह सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बन सकते हैं क्योंकि सर्वाइकल सेल्स में असामान्य बदलाव लग जाते हैं जो आगे चलकर बड़ी प्रेगनेंसी यानी कैंसर में बदल सकता है।
सर्वाइकल कैंसर के अलावा एचपीवी, एनल कैंसर(anal cancer), गले का कैंसर(throat cancer) और पेनाइल कैंसर(penile cancer) का भी रिस्क बढ़ सकता है, इसलिए एचपीवी वैक्सीन और रेगुलर स्क्रीनिंग बहुत ज़रूरी है।
HPV virus ka ilaaj kya hai?
HPV वायरस खतरनाक है लेकिन उसका कोई सीधा इलाज नहीं है क्योंकि ज़्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि शरीर का इम्यून सिस्टम(immune system) खुद ही 1-2 साल के अंदर-अंदर साफ़ कर देता है। ट्रीटमेंट(treatment) में मुख्य रूप से कॉम्प्लीकेशंस होती हैं जो HPV से निकलते हैं।
ऐसे जेनिटल वार्ट्स या एबनॉर्मल सेल्स( genital warts ya abnormal cells)। जेनिटल वार्ट्स के लिए डॉक्टर क्रीम(cream), क्रायोथेरेपी(cryotherapy) (वार्ट्स को फ्रीज़ करना), लेज़र थेरेपी(laser therapy) या माइनर सर्जरी(minor surgery) इस्तेमाल करते हैं। अगर पैप स्मीयर या HPV DNA टेस्ट में एबनॉर्मल सेल्स मिलते हैं तो उन्हें हटाने के लिए प्रोसीजर जैसे LEEP, कोन बायोप्सी या क्रायोथेरेपी किए जाते हैं, ताकि कैंसर डेवलप न हो। बचाव के लिए HPV वैक्सीन सबसे असरदार है, जो हाई-रिस्क और मस्से पैदा करने वाले HPV स्ट्रेन्स से बचाती है।
रेगुलर स्क्रीनिंग और सेफ सेक्सुअल प्रैक्टिस भी ज़रूरी होते हैं, क्योंकि HPV के कुछ स्ट्रेन्स सर्वाइकल, एनल, और गले के कैंसर का रिस्क भी बढ़ सकता है
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HPV (एचपीवी) कैसे फैलता है
एचपीवी का फैलना आम हो चुका है और इसके फैलने की मुख्य वजह है सेक्सुअल कॉन्टैक्ट यानी संभोग से यह फैलता है। अगर चाहे वो वजाइनल, एनल या ओरल सेक्स हो। यह वायरस स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट से भी ट्रांसफर हो सकता है, खासकर जब इन्फेक्टेड व्यक्ति के जेनिटल एरिया की स्किन या म्यूकस मेम्ब्रेन सीधे दूसरे व्यक्ति के कॉन्टैक्ट में आती है। कई बार एचपीवी बिना सिम्टम के होते हैं, और इन्फेक्टेड व्यक्ति को खुद भी पता नहीं चलता कि वो वायरस फैल रहा है। रेयर केस में, एचपीवी इन्फेक्टेड मां से बच्चे को डिलीवरी के टाइम भी हो सकता है। कंडोम यूज़ करने से रिस्क कम होता है, लेकिन पूरी तरह से नहीं रोकता क्योंकि एचपीवी उन एरिया को भी अफेक्ट कर सकता है जो कंडोम से कवर नहीं होते।
HPV संक्रमण के लक्षण
HPV के कोई सीधे लक्षण नहीं हैं कि हमें पता चल जाए ताकि HPV इन्फेक्शन के लक्षण हमेशा साफ़ नहीं होते, जैसे जेनिटल वार्ट्स, असामान्य पैप स्मीयर रिज़ल्ट, और कुछ मामलों में कैंसर का खतरा शामिल होते हैं।
HPV इन्फेक्शन के लक्षण:
जेनिटल वार्ट्स(Genital warts): छोटी गांठें या गांठें जो नरम या सख्त हो सकती हैं, कभी-कभी फूलगोभी जैसी आकृति में। ये वजाइना, सर्विक्स(cervix), पेनिस, एनस या मुंह के आस-पास आ सकते हैं।
स्किन वार्ट्स(Skin warts): HPV के कुछ तरह के हाथ, पैर, या चेहरे पर भी वार्ट्स बन जाते हैं।
एबनॉर्मल पैप स्मीयर रिजल्ट(Abnormal Pap smear results): हाई-रिस्क HPV स्ट्रेन सर्विक्स की सेल्स को बदल देते हैं, जो स्क्रीनिंग टेस्ट में एबनॉर्मैलिटी के रूप में दिखते हैं।
कैंसर का खतरा(Cancer risk): कुछ HPV टाइप सर्वाइकल कैंसर, एनल कैंसर, पेनिस कैंसर, वजाइना/वल्वा कैंसर और गले (ओरोफेरीन्जियल/oropharyngeal) कैंसर तक लेड कर सकते हैं।
कोई लक्षण नहीं(No symptoms): बहुत से मामलों में HPV इन्फेक्शन बिल्कुल साइलेंट होता है, और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि वह इन्फेक्टेड है।
HPV(एचपीवी) के लिए परीक्षण
एचपीवी परीक्षण मानव पेपिलोमावायरस के उन प्रजातियों का पता लगाते हैं जो आपको सर्वाइकल कैंसर के खतरे में डालते हैं। ये परीक्षण अक्सर नियमित पैप स्मीयर के हिस्से के रूप में किए जाते हैं। सकारात्मक परिणाम का मतलब यह नहीं है कि आपको कैंसर है। इसके बजाय, यह आपके स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को आपकी बनावट से निगरानी करने के लिए सचेत करता है ताकि वे सर्वाइकल कैंसर का जल्द पता लगाकर उसका इलाज कर सकें, जब यह इलाज योग्य हो।
कोल्पोस्कोपी/बायोप्सी(Colposcopy/Biopsy ) क्या होता है?
कोल्पोस्कोपी(Colposcopy) एक डायग्नोस्टिक(diagnostic) टेस्ट है जिसमें डॉक्टर सर्विक्सcervix, वजाइना और वल्वा को एक स्पेशल लाइटेड माइक्रोस्कोप microscope (colposcope/कोल्पोस्कोप) से बारीकी से जांच करते हैं, आमतौर पर जब पैप स्मीयर या HPV टेस्ट (खासकर टाइप 16 और 18) एबनॉर्मल आता है, तो डॉक्टर कोल्पोस्कोपी सजेस्ट करते हैं। यह प्रोसीजर क्लिनिक में स्पेकुलम एग्जाम के दौरान होता है जिसमें सर्विक्स को बारीकी से चेक किया जाता है। ज़्यादातर मामलों में यह दर्दनाक नहीं होता, बस थोड़ा सा अनकम्फर्टेबल फील हो सकता है।
अगर डॉक्टर को सस्पेक्टेड एरिया दिखे तो बायोप्सी की जाती है, जिसमें सर्विक्स से छोटा टिशू सैंपल निकालकर लैब में चेक किया जाता है ताकि कन्फर्म हो सके कि सेल्स नॉर्मल, प्रीकैंसरस या कैंसरस(precancerous ya cancerous) हैं। बायोप्सी के दौरान थोड़ा दर्द या पीरियड्स में ऐंठन जैसा दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनट तक रहता है।
Conclusion
इस ब्लॉग में मैंने आपको HPV के बारे में डिटेल में समझाया है और उसके लक्षण, वजह, उपाय और सब डिटेल्स शेयर कर रही हूँ ताकि आपको पता चले कि काफी ज़रूरी था वो सब मैंने आपको बताया है और उम्मीद करता हूँ कि आपको सब कुछ समझ आ गया होगा तो अगर आपको इन में से कोई भी लक्षण अपने अंदर दिखे तो आप प्लीज़ अपने डॉक्टर के पास ज़रूर जाएँ
Disclaimer: इस ब्लॉग में दी होई जानकारी इंटरनेट से ली गई है और एजुकेशन बेस्ड है। इसका मकसद सिर्फ लोगों के बीच HPV की अवेयरनेस जगाना था। हमारी काम किसको परेशान या हर्ट नहीं करना है।