Masturbation एक ऐसी चीज़ जिसे लेकर लोग कहते हैं कि तरह-तरह की बातें हा दिलो में कोई सच है तो कोई बस अफ़वाह कोई कहता है Hastmaithun किया करो तो कोई कहता हा हस्तमैथून नहीं करनी चाहिए। कोई कहता हा मुठ मारने से शरीर कमजोर होता हा कोई कहता हा कार्लेनी चाहिए। तो असल समाधान है क्या तो आज मैं आपको बताऊंगा कि हस्तमैथुन के साइड इफेक्ट्स” – गलतफहमियां या सच्चाई? इस विषय पर हम आपको समझेंगे सब असल में इसका सच क्या है? क्या हस्तमैथुन से वीर्य कम होता है, या ये सिर्फ डर का हवा है? क्या ब्लॉग में हम जानेंगे हस्तमैथुन के साइड इफेक्ट्स के पीछे कितनी सच्ची है – और कितना confusion है तो बस आप इस blog को जारी रखें, हम आपके संदेह को बहुत आसानी से हल कर लेंगे
Masturbation करने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
अगर आप डॉक्टर्स की सलाह मानें तो मास्टरबेशन एक नॉर्मल और सेफ सेक्सुअल एक्टिविटी है, आप इसे कर सकते हैं, कोई प्रॉब्लम नहीं है, लेकिन अगर यह बहुत ज़्यादा हो जाए तो कुछ टेम्पररी फिजिकल और इमोशनल इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे थकान, गिल्ट और सेंसिटिविटी में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन अगर आप हफ्ते में 1 बार मास्टरबेशन करते हैं तो यह नॉर्मल है, लेकिन अगर आप रोज़ ही रोज़ कर रहे हैं तो यह बिल्कुल भी सही नहीं है और यह कितना खतरनाक हो सकता है आप सोच भी नहीं सकते, इसलिए आप लिमिट में ही मास्टरबेशन करें।
ज्यादा मुठ मारने से शरीर पे किआ फराक पढ़ता है?
ज़्यादा Masturbation करने से body और दिमाग दोनों पर कुछ नेगेटिव असर पड़ सकते हैं। चलिए मैं आपको थोड़ा और अच्छे से समझाता हूँ जिससे आपका डाउट अच्छे से क्लियर हो जाए।
ज़्यादा हस्तमैथुन करने के असर:
लो फील करना
कम कॉन्फिडेंस रहना
unsatisfied रहना
skin में जलन होना
sexual sensitivity में कमी होना
मानसिक शांति न होना
नींद न आना
क्या-क्या करना चाहिए:
सामान्य आदत है, लेकिन नियंत्रण में रखना जरूरी है।
Exercise, hobbies, ya social time से माइंड डायवर्ट करो।
कभी अगर नियंत्रण न हो तो किसी चिकित्सक या विशेषज्ञ से बात करना सबसे अच्छा होता है।
क्या Hastmaithun करने से sperm count or fertility पर कोई फर्क पड़ता है?
आप बस इतनी सी बात समझ लीजिए कि नॉर्मल मास्टर्बेशन एक हेल्दी और नेचुरल सेक्शुअल एक्टिविटी है जो स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी पर किसी भी तरह का परमानेंट नेगेटिव असर या इम्पैक्ट नहीं डालती है। human body लगातार स्पर्म बनाती रहती है, लेकिन अगर मास्टर्बेशन लगातार रोज़ाना हो रहा हो — जैसे दिन में कई बार — तो sperm reserve को फिर से भरने का समय नहीं मिल पाता, जिससे स्पर्म काउंट टेम्परेरी तौर पर कम हो सकता है। इस एक्टिविटी से सीमेन वॉल्यूम और स्पर्म मूवमेंट कम हो जाती है। masturbation कभी-कभी 6-7 दिन के गैप के साथ करना सही है, इससे आपके स्पर्म की quality और quantity कम नहीं होगी बल्कि ज़्यादा होगी। आखिर में, जब तक Hastmaithun सही समय और सही गैप के साथ किया जाए तो वह ठीक है, तब तक यह स्पर्म हेल्थ या फर्टिलिटी के लिए नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन अगर आप इसे गलत तरीके से करेंगे तो नुकसान आपका ही होगा।
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पुरुषों में हस्तमैथुन और बांझपन?
नॉर्मल मास्टर्बेशन से मेल इनफर्टिलिटी नहीं होती, लेकिन अगर Hastmaithun लिमिट से ज़्यादा हो रही हो तो यह बहुत ज़्यादा गलत है। अगर masturbation कंपल्सिव हो जाए या स्ट्रेस पैदा करे, तो इनडायरेक्टली रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर पड़ सकता है। मेंटल हेल्थ भी काफी अनस्टेबल हो जाती है जिसकी वजह से काम में मन नहीं लगता। Male infertility (बांझपन) एक ऐसी कंडीशन है जिसमें एक आदमी अपने पार्टनर को सैटिस्फाई करने में मदद नहीं कर पाता – या तो स्पर्म की quantity कम होती है, या quality कमजोर होती है। मास्टर्बेशन आमतौर पर इसका कारण नहीं बनता, लेकिन कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर्स और मेडिकल इश्यूज़ इनफर्टिलिटी का कारण बन सकते हैं।
Sperm health को कैसे बेहतर बनाएं?
अगर आपको अपनी स्पर्म हेल्थ ठीक करनी है तो आपको अपना ख्याल रखना होगा, अपनी बॉडी और अंदरूनी चीज़ों का भी ख्याल रखना होगा जिससे स्पर्म हेल्थ बढ़ सके। सबसे पहले अच्छी नींद लेनी चाहिए, हेल्दी डाइट और स्ट्रेस-फ्री ज़िंदगी।
ये खाना खाएं:
zinc-rich food
vitamin C & E
folate
Omega-3 fatty acids
avoid junk food
क्या Masturbation से शरीर कमजोर होता है?
नहीं, मास्टरबेशन से बॉडी कमज़ोर नहीं होती है। यह एक नेचुरल और सेफ सेक्सुअल एक्टिविटी है जो फिजिकल या मेंटल हेल्थ को सीधे नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप बिना लिमिट के करते जाओ। अपनी हेल्थ और पेनिस का ख्याल आपको खुद रखना होता है, इसलिए लिमिट में रहकर करें, वरना आपको तरह-तरह के नुकसान देखने पड़ेंगे।
नुकसान जो आपको फेस करने पड़ सकते हैं:
मानसिक तनाव या अपराधबोध
सोशल आइसोलेशन
फोकस की कमी या थकान का एहसास
क्या करना चाहिए:
बैलेंस्ड डाइट लें
रेगुलर एक्सरसाइज करें
पूरी नींद लें
मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें
स्पर्म काउंट(sperm count)कम होने का पेनिस हेल्थ(penis health) और सेक्स लाइफ(sex life) पर क्या प्रभाव होता है?”
कम स्पर्म काउंट का सीधा असर पेनिस की हेल्थ पर नहीं पड़ता, लेकिन यह फर्टिलिटी और सेक्स लाइफ के कुछ पहलुओं पर असर डाल सकता है, खासकर जब इसके पीछे हार्मोनल इम्बैलेंस या लाइफस्टाइल फैक्टर्स हों।
पहले समझाता हूं कि लो स्पर्म काउंट क्या होता है? इसका मतलब यह है कि सीमेन में स्पर्म की संख्या 15 मिलियन प्रति ml से कम है। इसके कम होने से पार्टनर को बच्चा कंसीव करने में दिक्कतें आ जाती हैं।
क्या इसका असर पेनिस की हेल्थ पर पड़ेगा? लो स्पर्म काउंट का सीधा असर तो नहीं पड़ता, लेकिन अगर यह लगातार ऐसा ही रहा तो भविष्य में काफी दिक्कतें आ सकती हैं।
Conclusion
आज मैंने अपने ब्लॉग में आपका सबसे बड़ा संदेह मुख्य से एक संदेह यानी हस्तमैथुन के साइड इफेक्ट्स”- गलतफहमियां या सच्चाई तो अपना मेरा ब्लॉग मुख्य अपनी परेशानी को समझ लिया होगा या जान लिया होगा तो अब आप जल्दी से जल्दी अपने अंदर की कमी को खत्म करें या एक खुशहाल जीवन जी कर अपने पार्टनर को satisfied करें
disclaimer: is blog में बताई होई जान करी सिर्फ internet से वह ली गई हा और इसका मतलब सिर्फ लोगो के प्रति जागृता(awareness) फेलाना हा किसी की भावनाओ को चोट पहुंचाना नहीं अगर आपको कोई भी परेशान करता है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें