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HPV virus ha ya cancer?

HPV virus ha ya cancer?

काफी लोगों का यह सवाल है कि HVP है क्या? और क्या यह वायरस है या बीमारी है और कुछ लोग इसको कैंसर भी कहते हैं तो आज हम यही जानेंगे कि HVP का असल सच क्या है? क्या वो वायरस है या कैंसर या उससे भी बुरा है कुछ?

पहले HVP क्या है वो समझना चाहिए HVP यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक तरह का वायरस है ये जब होता है जब सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन होता है और ये मर्द और औरत दोनों पे असर करता है और इसका असर स्किन और सेक्सुअल ऑर्गन्स पर होता है जैसे पेनिस और वर्जिनिया पे होता है लेकिन ये बीमारी पे काबू पाया जा सकता है और इससे बच्चा भी जा सकता है।

क्या ये आगे जाकर कैंसर का छत ले लेता है? नहीं यह वायरस है लेकिन जब इस वायरस का हाई रिस्क हो जाता है तो यह सर्वाइकल कैंसर का छत भी ले लेता है यह बहुत तरह का होता है लेकिन जो HVP-16 और HVP-18 यह सबसे ज्यादा घटक होता है लेकिन इसमें भी आप बच सकते हो अगर वह वक्त पे कदम उठा लिया तो

क्या एचपीवी कैंसर का कारण बन सकता है?

HPV कोई कैंसर नहीं है, बाल्की वो तो एक वायरस है। लेकिन कुछ हाई-रिस्क HPV टाइप (जैसे HPV 16 और 18) सर्विक्स और दूसरे ऑर्गन्स की सेल्स को डैमेज करके काफी हद तक तोड़ देता है जिससे काफी प्रॉब्लम्स बन जाती हैं, अब बॉडी एबनॉर्मल ग्रोथ शुरू कर देती हैं। अगर इन्फेक्शन बॉडी से क्लियर न हो तो ये चेंजेस आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर और और भी कैंसर का रिस्क बढ़ा देते हैं। जो इंसान के लिए काफी परेशानी वाली बात है

HPV kaise failta hai?

HPV एक बहुत ज़्यादा फैलने वाला वायरस है जो ज़्यादातर सेक्सुअल कॉन्टैक्ट यानी सेक्स से बनता है और इसके फैलने की वजह से यह हो सकता है। यह स्किन से स्किन और म्यूकस मेम्ब्रेन कॉन्टैक्ट से फैलता है। और वजाइनल, एनल और ओरल सेक्स के दौरान ट्रांसफर हो सकता है।

हमशा सिर्फ़ उनकी चीज़ों से नहीं फैलती HPV उंगलियों, चीज़ों या शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में तेज़ी से फैल सकता है। इस तक यह वायरस प्रेग्नेंट औरतों से न्यूबोर्न बॉडी तक भी HPV चाइल्डबर्थ के टाइम पास हो सकता है।


HPV symptoms

HPV के लक्षणों का हमें कुछ सीधा सबूत नहीं मिलता, हमेशा साफ़ नहीं होते। ज़्यादातर मामलों में इन्फेक्शन एसिम्प्टोमैटिक होता है, मतलब कोई दिखने वाला निशान नहीं दिखता जिसे पहचान सकें कि ये HPV के लक्षण हैं। जब लक्षण दिखते हैं तो हमारे जेनिटल वार्ट्स, एबनॉर्मल पैप स्मीयर रिज़ल्ट, और कुछ मामलों में कैंसर का खतरा शामिल होते हैं। जेनिटल वार्ट्स, स्किन वार्ट्स, एबनॉर्मल पैप स्मीयर रिज़ल्ट, प्रीकैंसरस और कैंसर का खतरा, कभी-कभी जेनिटल एरिया में खुजली, बेचैनी, कभी-कभी ब्लीडिंग या घाव।

HPV treatment

एचपीवी का कोई परमानेंट इलाज या कोई ट्रीटमेंट ऐसा है नहीं, लेकिन अगर स्टडीज़ की माने तो काफी केस के बारे में यह सुना है कि यह ज़्यादातर 1-2 साल बाद खुद ठीक हो जाता है इम्यून सिस्टम सब कवर करता है रिकवरी करता है।

जेनिटल वार्ट्स का ट्रीटमेंट– क्रायोथेरेपी (वार्ट्स को फ्रीज़ करना), इलेक्ट्रोकॉटरी (जलाना/जलाना), लेज़र थेरेपी, सर्जिकल रिमूवल।

वार्ट्स दोबारा आ सकते हैं, इसलिए रिपीट ट्रीटमेंट की ज़रूरत हो सकती है।

प्रीकैंसरस सेल चेंजेज़ (सर्विक्स पर)

सर्विक्स का एक हिस्सा निकालकर टेस्ट करना।

ये प्रोसीजर कैंसर डेवलप होने से पहले एबनॉर्मल सेल्स को हटा देते हैं।

HPV से जुड़ा कैंसर

– अगर HPV से सर्वाइकल या दूसरे कैंसर डेवलप हो जाते हैं, तो ट्रीटमेंट कैंसर के स्टेज पर निर्भर करता है:

– सर्जरी

– रेडिएशन थेरेपी

– कीमोथेरेपी

जनरल मैनेजमेंट

अगर HPV इन्फेक्शन है पर कोई सिम्टम नहीं है, तो डॉक्टर सिर्फ मॉनिटरिंग करते हैं। इम्यून सिस्टम का भी रोल है हेल्दी लाइफस्टाइल और मजबूत इम्यूनिटी एचपीवी को नैचुरली क्लियर करने में मदद करती है।

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Prevention of HPV infection

HPV इन्फेक्शन को रोकने के लिए सबसे असरदार स्टेप कौन सा है, काफी लोगों को यह नहीं पता। सबसे असरदार स्टेप है:

HPV वैक्सीन लेना(vaccine lena)

सबसे पावरफुल प्रिवेंशन टूल है। गार्डासिल और सर्वारिक्स जैसे वैक्सीन हाई-रिस्क HPV टाइप (16 और 18) और मस्से पैदा करने वाले टाइप से प्रोटेक्शन देते हैं।

रेगुलर रैप स्मीयर(regular rap smear)

पैप स्मीयर और HPV टेस्ट से एबनॉर्मल सेल्स का जल्दी पता चलता है। अगर एबनॉर्मैलिटी मिलती है तो कोल्पोस्कोपी और बायोप्सी से कन्फर्म करके ट्रीटमेंट किया जा सकता है।

HPV टेस्ट करवाना( HPV test)

सेफ सेक्सुअल प्रैक्टिस फॉलो करना(safe sexual practices follow karna)

कंडोम यूज़ HPV ट्रांसमिशन रिस्क को कम करता है, हालांकि 100% प्रोटेक्शन नहीं देता क्योंकि HPV स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट से भी फैलता है। लिमिटेड सेक्सुअल पार्टनर और म्यूचुअल मोनोगैमी इन्फेक्शन के चांस कम करते हैं। अवेयरनेस और एजुकेशन सेक्सुअल हेल्थ के लिए क्रिटिकल है।

ये मेज़र्स हाई-रिस्क HPV स्ट्रेन्स और उनसे होने वाले कॉम्प्लीकेशंस, जैसे सर्वाइकल कैंसर, को रोकने में मदद करते हैं।

पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट से एबनॉर्मल सेल्स का जल्दी पता चलता है। अगर एबनॉर्मैलिटी मिलती है तो कोल्पोस्कोपी और बायोप्सी से कन्फर्म करके ट्रीटमेंट किया जा सकता है।

एचपीवी पर डब्ल्यूएचओ(W.H.O) का क्या कहना है?

W.H.O यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन(world health organization) ने इसे अपनी राय बताई है और लोगों को इस बीमारी से जागरुक किया है। W.H.O का ये कहना है HPV एक छोटा DNA वायरस है जो स्किन और म्यूकोसल सेल्स को इन्फेक्ट करता है। इसका जीनोम 8kb का होता है और वायरस रेप्लीकेशन के लिए 6 अर्ली प्रोटीन और स्ट्रक्चर के लिए 2 लेट प्रोटीन (L1, L2) बनता है।

 100 से ज़्यादा जीनोटाइप्स में से कम से कम 13 सर्वाइकल और एनोजेनिटल कैंसर के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। हाई-रिस्क टाइप्स HPV 16 और 18 लगभग 70% सर्वाइकल कैंसर की वजह बनते हैं, जबकी लो-रिस्क टाइप्स HPV 6 और 11 जेनिटल वार्ट्स की वजह होते हैं। यह वायरस बहुत ज़्यादा फैलने वाला है और सेक्सुअल एक्टिविटी के बाद पीक इंसिडेंस होती है।

Conclusion

तो आज मैंने आपको बहुत संक्षेप में समझाया है कि HPV नाम के वायरस में और सवाल भी क्लियर करा के HPV सिर्फ एक वायरस होता है ना कि वो कैंसर होता है हलाकि HPV के कुछ टाइप जैसे HPV16 और HPV18 ये सर्वाइकल कैंसर बन सकता है लेकिन उसका भी इलाज है। लेकिन अगर आपको शक है ये वायरस मेरे भी है तो आप जल्द से जल्द इसका इलाज करवाओ

disclaimer: इस ब्लॉग में बताई होई जानकारी इंटरनेट से ली गई है एजुकेशन और अवेयरनेस के मकसद से। हमारा मकसद सिर्फ एचपीवी के लिए अवेयरनेस बढ़ाना है और हमारा काम किसी को नुकसान या डिस्टर्ब करना नहीं है और अगर आपको इनमें से कोई भी सिम्पटम अपने अंदर या किसी अपने के अंदर दिखते हैं तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें

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