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ब्रेस्ट कैंसर(breast cancer) क्या होता है

ब्रेस्ट कैंसर(breast cancer) क्या होता है

नमस्ते सभी, आज हम बात करेंगे कैंसर यानी जिसको अंग्रेजी में ब्रेस्ट कैंसर(breast cancer) कहते हैं, यह बहुत ही ज्यादा घटक और जान लेवा बीमारी है जो के खास कार औरतों में पाई जाती है उसके इस्तवान में। लेकिन हम जानेंगे ये कब होती है? कैसे होती है? क्या इससे बच्चा जा सकता है?

सबसे पहले समझते हैं ये होता क्या है। यह एक ऐसी बीमारी है जो के जान तक ले लेती है। ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब स्तन की किसी कोशिका में परिवर्तन (म्यूटेशन/mutation) आ जाता है और वह बढ़ते-बढ़ते रुकती नहीं है। ये कोशिकाएं एक जगह इट्ठी होकर गांठ(lump) बना सकती हैं। ये गांठ ज्यादा दर्द रहित(painless) होती है, इसी के लिए महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं।

ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण

ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण जो आम तौर पर पेट पर औरतों को इग्नोर नहीं करना चाहिए जब वो इसको छोटी बात समझ कर इग्नोर कर देती है जो के आगे जाकर परेशानी का सबब देता है।

गांठ हो जाना या सूजन रहना

स्तन के आकार या बनावट में बदलाओ मेहसूस होना

स्तन या अवशेषों की त्वचा में सूखा पन या रूखापन होना

स्तन में बारी दर्द

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के कारण

ब्रेस्ट कैंसर की कोई खास वजह नहीं हो सकती, बालकी कई चीज़ों की बातें होती हैं जो रिस्क बढ़ाते हैं। हर औरत एक जैसी नहीं होती, उसकी बॉडी एक जैसी नहीं होती, उसके हार्मोन्स और उसके इम्यून सिस्टम में कोई फर्क नहीं पड़ता। लाइफस्टाइल भी अलग-अलग होती है। इसके कारण भी पर्सन-टू-पर्सन अलग-अलग हो सकते हैं।

हार्मोनल इम्बैलेंस(hormonal imbalance)-यानी कि औरतों की बॉडी में एस्ट्रोजन हार्मोन(estrogen hormone ) ज़्यादा active होता है। जब अगर एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ जाता है और काफी समय तक बढ़ा रहता है तो उस सिचुएशन में ब्रेस्ट सेल पर काफी प्रेशर पड़ने लगता है जिससे कैंसर फैल सकता है और रिस्क बढ़ जाता है।

जेनेटिक कारण(genetic causes)– अगर किसी की माँ, बहन या करीबी रिश्तेदार को हो ब्रेस्ट कैंसर, तो स्टडीज़ के हिसाब से यह रिस्क दो गुना और बढ़ जाता है। BRCA1 और BRCA2 जीन्स में म्यूटेशन भी एक बड़ी वजह होती है।

उम्र मायने रखती है– जैसे जैसे उम्र बढ़ती है वैसे वैसे हाईरिस्क होता है। 40+ महिलाओं में ज़्यादा चांस बढ़ जाते हैं। ज़्यादातर मामले मिडिल-एज और ज़्यादा उम्र की महिलाओं में मिलते हैं।

जल्दी पीरियड्स और लेट मेनोपॉज़(late Menopause) (नैचुरली पीरियड्स का खत्म होना)- पीरियड्स की असली उम्र 12-13 तो ठीक है लेकिन 12 साल से पहले पीरियड्स आते हैं तो ये आगे प्रेग्नेंसी क्रिएट कर सकता है। लेट मेनोपॉज़ इसका मतलब ये है कि पीरियड्स नैचुरली खत्म हो जाना चाहिए जो 45-50 की उम्र तक हो जाते हैं लेकिन अभी भी 55 के बाद तक पीरियड्स हो रहे हैं तो ये ब्रेस्ट कैंसर का साइन हो सकता है।

लाइफ़स्टाइल और रोज़ की आदतें

जंक फ़ूड(junk food) या ऑयली फ़ूड ज़्यादा खाना

एक्सरसाइज़ न करना

ज़्यादा वज़न / मोटापा

शराब पीना

ये सब ब्रेस्ट कैंसर के आम लाइफ़स्टाइल-बेस्ड रिस्क फ़ैक्टर हैं।

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आखिर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को इग्नोर क्यों कर देती हैं?

अक्सर महिलाओं में ये बातें नोट की गई हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को और इग्नोर कर देते हैं क्योंकि उनको अभी तक लोग ब्रेस्ट कैंसर की बातें नहीं पूछते और नहीं लोग चाहते हैं कि वो भी पूछें। पुराने ज़माने में ये सबको शर्म समझी जाती थी लेकिन अब ज़माना बदल गया सब डिजिटल हो गया है।

कुछ मुख्य कारण ये भी हो सकते हैं:

अवेयरनेस की कमी होना

सिम्टम पेनलेस होते हैं

मिथक और गलत जानकारी

प्राइवेसी / शर्मिंदगी

लोगो से कहने का डर

डॉक्टर के पास जाने से डरना

ब्रेस्ट कैंसर के प्रकार

इन्वेसिव-Invasive (तेजी से फैलने वाला) और 

नॉन-इन्वेसिव- non-Invasive (धीरे धीरे फैलने वाला)

आज की स्टडीज़ के मुताबिक 80% ब्रेस्ट कैंसर केस इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा Invasive Ductal Carcinoma(IDC) के होते हैं।

इस टाइप में कैंसर सेल्स ब्रेस्ट के डक्ट्स(ducts) (जहाँ से मिल्क पास होता है) से बाहर निकालकर ब्रेस्ट के फैट टिशू तक पहुँच जाते हैं।

यानी कैंसर डक्ट्स तक सिमित नहीं रहता, बालकी आगे फैलने लगता है — इसलिए इसे इनवेसिव बोला जाता है।

इसके उलट, Non-Invasive Breast Cancer में कैंसर सेल्स डक्ट के अंदर ही रहते हैं।वह अपनी ओरिजिनल जगह से आगे नहीं बढ़ते। इसलिए इसे नॉन-इनवेसिव या इन-सीटू कहा जाता है।

रात को ब्रा(Bra) पहन कर सोने से ब्रेस्ट कैंसर हो जाता है?

अगर मैं आपको आसान शब्दों में कहूँ तो इसका जवाब ना है, ऐसा साइंटिफिक प्रूवन नहीं है। यह सब एक झूठ है गलत फेहमी है। ब्रा पहन कर सोने से ऐसा कुछ नहीं होता। ब्रा पहन कर सोना 100% सेफ है और अगर आप कंफर्टेबल हैं तो पहन सकती हैं। बेस ब्रा किस टाइप की है वो भी ध्यान रखें जैसे:

पैडेड ब्रा ज़्यादा टाइट ना हो

अंडरवायर ब्रा अवॉइड करो

स्लीप ब्रा या सॉफ्ट कॉटन ब्रा बेस्ट होते हैं

झूठ जो ब्रा पहनने का सोने से फैला हुआ है

लोगों ने आज के दौर में ब्रा पहन कर सोने से काफी दिक्कत पैदा की है। लोग अपनी-अपनी ब्रेस्ट कैंसर की कहानियां बना कर लोगों को गलत राह दिखाते हैं और लोग गलत रास्ते पर काफी होते हैं।

रात को ब्रा पहन कर सोने से कैंसर हो जाता है- बिल्कुल गलत कोई भी साबित नहीं हुआ है इसका

ब्रा से ब्लड सर्कुलेशन धीरे या ब्लॉक हो जाता है- यह भी गलत है

रात को ब्रा पहन कर सोने से ब्रेस्ट के टिशू डैमेज हो जाते हैं- यह भी झूठ है

Point to remember:पहले के लोगों में जानकारी नहीं होती थी, जागरूकता नहीं थी और न ही फिक्र इस चीज़ को लेकर। पुराने ज़माने के लोगों के दिमाग में यह बात थी कि ब्रेस्ट में एक टॉक्सिन(toxins) नाम की कोई चीज़ या बीमारी होती है। जो प्रेस रहने की वजह से नहीं निकल पाती और फिर वो बीमारी ब्रेस्ट कैंसर में बदल जाती है। जबके असल बात यह है कि टॉक्सिन नाम का कुछ नहीं होता

Conclusion

मैंने आज आपको ब्रेस्ट कैंसर के बारे में काफी कुछ बता दिया है जिससे आपको काफी जानकारी मिल गई होगी। ब्रेस्ट कैंसर से कैंसर होता है, इस मिथक को भी मैंने सुलझाया है। आपको इस चीज़ से काफी जानकारी हो गई है। आप भी अपने परिवार, दोस्त और रिश्तेदारों के साथ ये बातें शेयर कर सकते हैं ताकि वो इस भयानक बीमारी से बच सकें।

Disclaimer: दी गई जानकारी स्टडी बेस है और इंटरनेट से ली गई है। यह ब्लॉग लोगों तक ब्रेस्ट कैंसर के लिए जागरूकता फैलाता है और हमारा मतलब किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। बताई गई लक्षणों में से अगर आपको अपने अंदर कमी लगे तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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