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एड्स(AIDS) क्या है हिंदी

एड्स(AIDS) क्या है हिंदी

एड्स(AIDS) क्या है हिंदी-

एड्स (AIDS) का मतलब है एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (Acquired Immunodeficiency Syndrome) ये आखिरी स्टेज है एचआईवी(HIV) ये बहुत दर्दनक या कथिन वक्त होता किसी भी दर्द के लिए क्योंकि इस स्टेज में आकर इंसान बहुत सुखने लग जाता है काफी कमज़ोर, पता चल जाता है। एड्स के मामलों में, एचआईवी संक्रमित शरीर की सीडी4 (CD4)कोशिकाओं पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देता है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अगर मैंने आपको सीधे अल्फाज़ो में समझा तो एड्स (Acquired Immunodeficiency Syndrome) एचआईवी संक्रमण का उन्नत चरण है। यह तब होता है जब प्रतिरक्षा प्रणाली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है और शरीर संक्रमणों और बीमारियों से प्रभावी ढंग से लड़ने में सक्षम नहीं रह जाता।

लेकिन इस ब्लॉग में मैं आपको समझाऊंगा कि ये बीमार कैसे होती है, क्या इससे बच्चा बच सकता है? तो आप ब्लॉग मैं बने रहेंगे ताकि आपको आपकी समस्याओं का समाधान मिल सके

Symptoms of AIDS

एड्स एक जानलेवा बिमारी हा या इसके कुछ मुख्य लक्षण हा

एक दूसरे से वजन कम होने लगेगा।

लगतार बुखार या रात को पसीना आना।

जादा थकन मेहसुस होना

गार्डन, बगल या ग्रोइन एरिया में ग्लैंड्स का सुजान रहना।

Lambi समय तक दस्त रहना 2-3 हफ़्तों तक।

त्वचा पर चकत्ते

बार-बार संक्रमण होना

स्मृति हानि या याद दश्त कमज़ोर रहना।

एड्स तब होता है जब एचआईवी वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को पूरी तरह से खराब और कमजोर कर देता है और शरीर इस स्थिति में है मुख्य आ जाती है के छोटी सी भी बीमार नहीं रह सकती शरीर।सबसे अच्छा समय रहे होई संभल जाना चाहिए

HIV और AIDS में क्या फर्क है?

एचआईवी और एड्स में जादा अंतर नहीं है एचआईवी एक वायरस है सबके एड्स अच्छे से विकसित हो रहे हैं बीमार है जो एचआईवी की आखिरी स्टेज होती है। एचआईवी शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है और जब यह बहुत ज्यादा खतरनाक हो जाता है तब एड्स विकसित होता है।

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कुछ लोग जिनको HIV का Develop होता है, उन्हें AIDS क्यों हो जाता है?

काफी लोगो का सवाल है कि एचआईवी को एड्स में कैसे बदला जाता है चलो समझते हैं। कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है सही इलाज नहीं मिल पाता या कभी इस बीमारी का पता देर से लगता है। एचआईवी वायरस धीरे-धीरे शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है, और अगर समय पर उपचार (एआरटी – एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी) नहीं लिया जाता है। जाए.इम्यून सिस्टम काफी हद तक कम हो गया है.तो तब शुरू होता है जब एड्स होता है.

एड्स तब होता है जब तक एचआईवी का वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है और अब शरीर को टीबी जैसे अवसरवादी संक्रमण होते हैं। फंगल इन्फेक्शन बिमारियान अटैक कार्लेटी हा। अगर एचआईवी का इलाज हो जाए तो नियंत्रण हो सकता है लेकिन वक्त निकल गया तो सही नहीं

मेरे द्वारा अछूते से अपनी रक्षा कैसे की जा सकती है


एचआईवी से आप अपनी रक्षा करना चाहते हैं तो अपने मूड और हार्मोन को अपना कंट्रोल मुख्य रखें, वो भी पूरी तरह से अपना माइंड डायवर्ट कर लो आप नहीं। सबसे पहले, आपको अपना एचआईवी टेस्ट करवाकर अपना स्टेटस पता करना चाहिए। यदि आपमें एचआईवी के लक्षण हैं तो आपको खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए।

देखिए एक सिंपल से बात हा आप हमशा जिसके साथ भी शारीरिक संबंध बनाएं तो सुरक्षा यानी कंडोम का इस्तेमाल करें ताकि आप या आपका पार्टनर डोनो सुरक्षित महसूस कर सकें ताकि बीमार आपके आस पास बी ना आ सके। हमाशा ताजा और नई इंजेक्शन सुई का उपयोग करें ताकि आप सुरक्षित रहें

जो एचआईवी से बचाव में मदद करते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो उच्च जोखिम वाले समूह में आते हैं। कुल मिलाकर, एचआईवी से बचाव के लिए साक्षत्कार की आवश्यकता, समय पर परीक्षण की सुविधा और सुरक्षित आदतें अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

एड्स का इलाज (Treatment) क्या है?

बहुत अफ़सोस की बात है लेकिन एड्स(aids) का अभी तक कोई इलाज नहीं है या कुछ भी ऐसा नहीं है जो उसे स्थायी रूप से ठीक नहीं कर सकता है लेकिन एआरटी नाम की दवा है जो उसे काम नहीं कर सकती लेकिन हन लम्बा समय तक आपको जिंदा रख सकता है। आप अपनी जिंदगी को जी सकते हैं।

kiya scientics ne HIV aur AIDS ka koi ilaaj dhunda ha?

हां, डॉक्टर ने एचआईवी और एड्स के इलाज की दिशा में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, साल 2023 में जर्मन वैज्ञानिकों ने सुपर एंटीबॉडी (सुपर एंटीबॉडी) रिसर्च किया है जो एचआईवी वायरस ने 98% तक पहुंचा दिया है जो काफी हद तक ठीक कर सकता है। ये एंटीबॉडी एचआईवी के लैग बैग। जिससे यह भविष्य में स्थायी उपचार की दिशा में एक बड़ी उम्मीद बन गई है।

इसके अलावा, अमेरिका की बायोटेक कंपनी गिलियड साइंसेज ने 2024 में “लेनाकापाविर” नामक एक इंजेक्शन विकसित किया, जिसे साल भर में केवल दो बार लेने से एचआईवी संक्रमण को ठीक किया जा सकता है। 

इस इंजेक्शन का दक्षिण अफ्रीका और युगांडा में 5000 लोगों पर परीक्षण किया गया और इसके परिणाम उत्साहवर्धक रहे। शोध से यह स्पष्ट हो गया है कि वैज्ञानिक एचआईवी/एड्स का स्थायी इलाज के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, हालांकि अभी तक इसका कोई भी सार्वभौमिक इलाज पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है।

Conclusion

इस ब्लॉग में मैंने आपको बताया कि एड्स क्या है या एड्स और एचआईवी में क्या फर्क है मैंने आपको अपनी समस्याओं के बारे में बताया या समाधान देने की भी कोशिश की उम्मीद है कि आप इसे समझें या आगरा में कोई भी समस्या हो तो तुरंत हल करवाएं आप अपना खुद का बचाव कर सकते हैं सही वक्त पर सही कदम लेकर।

Disclaimer: इस ब्लॉग में दी गई जानकारी इंटरनेट बेस है और इसको सिर्फ एजुकेशन पर्पस से उसने लिखा है हा हमारा मकसद किसी को थिस्स पूछना नहीं हा। अगर आपको कभी भी ऐसा महसूस हो तो आप अपने डॉक्टरों से सलाह लें

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